हरिहर हरिहर हरिहर हरी, मेरी बार क्यों देर इतनी करी।
मण्डी अहमदगढ़ की गर्ग पुत्री ने उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में बरेली कॉलेज, रुहेल-खण्ड यूनिवर्सिटी से वकालत की डिग्री ली। धूमधाम से सुनाम के सिंगला फैमिली में ब्याह हुआ। दो बच्चे, बेटी व बेटा हुए।
Son & daughter.
10 अक्तूबर को वकालत शुरू की। सुनाम की कचहरी में जजों व वकीलों ने बहुत साथ दिया और शीघ्र ही शिखर तक पहुँची।
आइए, बहार को हम बाँट लें, ज़िन्दगी के प्यार को हम बाँट लें।
इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमज़ोर हो ना।
जब तक सूरज चाँद रहेगा, गर्ग पुत्री पुष्प सिंगला का नाम रहेगा।
मिलकर रोएँ, मिलकर मुस्कराएँ हम, ज़िन्दगी के प्यार को हम बाँट लें।
हम चलें नेक रास्ते पे, हमसे भूल कर भी कोई भूल हो ना।





