Wednesday, October 28, 2026
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……… चुनौती ………..

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……… चुनौती ………..

 हर  रोज नई  चुनौती  जन्म  लेती  है
 जब बढ़ता हूं अपनी मंजिल की और
 किस्मत पीछे की तरफ खींच लेती है

मुश्किल हो गया मुश्किल से निकलना
ना कोई  रास्ता मुझको नजर आता है
नहीं कोई शक्स  जो हमे  बतलाता है

दिन  बीत  जाता है  रात  हो  जाती है
किस तरह निकलेगा इस मसले का हल
ना  कोई  बात मुझको  समझ आती है

रुक गई है जिन्दगी हमारी ऐसे मोड़ पर
कब क्या हो जाए  पता ही नहीं  चलता
बस इंतजार रहता है एक नए सफर का

   ✍ कुलविंदर कुमार 
             9914481924