इन्साफ की डगर पे मानव दिखाओ चल के संसार है तुम्हारा नेता तुम्हीं हो कल के ।
अपने हो या पराए सबके लिए हो न्याय देखो कदम तुम्हारा हरगिज न डगमगाए रख दोगे एक दिन तुम संसार को बदल के सच्चाईयों के पथ पे आगे ही बढ़ते रहना सच वह जो साबित हो जाए झूठ वह जो खुल जाए कई बार झूठा बन्दा ज्यादा स्पष्टीकरण देता है सच्चा चुप रहता है । दो माताओं की तरह जिनके बच्चे को राजा ने आदेश दिया कि दोनों माताओं को बच्चा आधा-आधा बांट दिया जाए झूठी खुश हुई सच्ची ने भाग कर राजा के चरण पकड़ लिए नहीं महाराज मेरा बच्चा इसे ही दे देवें कम से कम जीवित तो रहेगा ।
देश धर्म का नाता है गाय हमारी माता है आगे सब कुछ आता है बहुत ही मन को भाता है बैल हमारा बाप है झूठ बोलना पाप है यह तो इक संताप है मानों लगा गया श्राप है जब तक सूरज चांद रहेगा पुष्प सिंगला का नाम रहेगा ।
ले के मन में एतबार रखो शिव का सोमवार देखो जीवन में मंगल आएगा बुद्ध गुरु शुक्र सहाय होंगे शनि का ग्रह टल जाएगा । मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है । गुले गुलजार गुलशन गुलफाम हो रहा है ।





