Saturday, September 12, 2026
16.5 C
London
Home ਪੰਜਾਬ पुष्प सिंगला: भक्ति, शक्ति और संघर्ष की प्रेरणादायक गाथा

पुष्प सिंगला: भक्ति, शक्ति और संघर्ष की प्रेरणादायक गाथा

0
19

भक्ति दे माँ भक्ति दे
शक्ति दे माँ शक्ति दे
युक्ति दे माँ युक्ति दे
भक्ति, शक्ति, युक्ति दे
वर दे वीणावादिनी
वर दे हंसवाहिनी

जैसे मंत्रों का उच्चारण करने वाली एक अमंग मन में लिए पति व पुत्र से मिलन की प्रबल कामना से अभिभूत होकर 28 जुलाई, दिन मंगलवार, प्रभात काल में सबको असमंजस में डालकर ज्योति-ज्योत समा गई।
मंडी अहमदगढ़ और सुनाम की पहली महिला वकील।
जब तक सूरज-चाँद रहेगा,
पुष्प सिंगला तेरा नाम रहेगा।
भुवनेश्वरी मुझे मेरा उपयुक्त स्थान प्रदान करें।
शत-शत नमन आपको।

ज़िंदगी की हर सुबह लाती है नया प्रकाश है,
हर तरफ है नई धरती और नया आकाश।
लोग कहते हैं, अँधेरा मेरे लिए प्रभात है।
हर तरफ आवाज़ है,
विजयी भवः, विजयी भवः।
मैं थी, मैं हूँ,
मैं रहूँगी।
कोई मुझे क्या कहे, मैं ही सब कुछ कहूँगी।
भारत माता की वीरांगना, सब कुछ सहूँगी, पर फिर भी मैं ही सब कुछ कहूँगी।
भक्ति-शक्ति दायिनी,
अब जागो कालिका।
ऋद्धि-सिद्धि प्रदायिनी,
अब जागो बालिका।