मेरा आपकी कृपा से
सब काम हो रहा है
करते हो तुम
कन्हैया मेरा नाम हो रहा है।
मेरा हर काम यूं
ही सुबह शाम हो रहा है।
बेफिक्री का आलम
आठों याम हो रहा है।
हर वक्त खुशी का
पैगाम हो रहा है।
राम-2 शाम-2 हो
रहा है।
शुक्र दातेया तेरा
शुक्र दातेया
ज्यों तिल माहीं
तेल है, ज्यों चकमक में आग
तेरा साईं तुझ में
जाग सके तो जाग
उठ फरीदा सुतया
झाडू दे मसीत
तूं सुता रब जागया
ऐवी तेरी डाड्डे नाल प्रीत
फरीदा जे तूं अकल
लतीफ काले लिख न लेख
अपने गिरेबान में
सिर नीवां कर देख।
धार्मिक वातावरण
में पली बढ़ी मंडी
अहमदाबाद की गर्ग-पुत्री
पुष्प सिंगला ने ढाई साल
में वकालत की
डिग्री हासिल की। यूपी. बरेली
कॉलेज रुहेलखण्ड
यूनिवर्सिटी से फर्स्ट
क्लास फर्स्ट में।
जब तक सूरज चांद
रहेगा भव्य पुत्री पुष्प
सिंगला का नाम
रहेगा। सुनाम के मैजिस्ट्रेट
जज-साहिबान और
पुलिस अधिकारियों
ने उन्हें तुरन्त
तरक्की के शिखर तक
पहुंचाया। सूरज कब
दूर गगन से, चन्दा
कब दूर किरण से, कब दूर बहार पवन से
खुशबू कब दूर चमन
से





