Saturday, September 12, 2026
20.5 C
London
Home ਪੰਜਾਬ जीवन दर्शन और सीख

जीवन दर्शन और सीख

0
26

ऊपर वाले तेरा जवाब नहीं
कब दे क्या दे हिसाब नहीं।
अपने विरोधियों से सीख लो।
हमारे पूर्वज उम्र भर राजगद्दी पर नहीं बैठे रहे। तपते रहे हैं।
सूर्य की तरह सुख की तलाश में इतना भी मत भागो कि चलना ही भूल जाओ।
प्रकृति हमेशा शांत रहती है। परन्तु उसकी कृपा व कोप का मुकाबला कोई नहीं कर सकता।

मंडी अहमदगढ़ की गर्ग पुत्री बरेली कालेज यू.पी. से वकालत की डिग्री लेकर सुनाम के सिंगला परिवार की पुत्रवधू बनी।
जब तक सूरज चांद रहेगा गर्ग पुत्री पुष्प सिंगला का नाम रहेगा।

धीरे-धीरे रे मना धीरे सब कुछ होए
माली सींचे सौ घड़ा ऋतु आए फल होए

सकल पदार्थ हैं जग माहीं
कर्म हीन नर पावत नाहीं

बे मुशक्कत कुछ मुयस्सर मुयस्सर हो नहीं सकता गनी
रंग लाई तब हिना पिसी घूटी भीगी छनी।